जुदाई शायरी कविता
जुदाई शायरी कविता आज जमाना कितना भी मॉडर्न बन जायें लेकिन प्यार में टुटा दिल अक्सर अकेले में रो ही देता हैं | दिमाग इस ज़माने का हैं लेकिन दिल तो उपर वाले ने बनाया हैं जहाँ आज भी किसी के आने से दिल में दस्तक होती हैं और चले जाने से जुदाई भरी तन्हाई …