मल्टी लेवल मार्केटिंग क्या है, कैसे काम करता है (Multi Level Marketing (MLM) in Hindi)

मल्टी लेवल मार्केटिंग क्या है, कैसे काम करता है, कंपनीज लिस्ट, स्कीम,  (Multi Level Marketing in Hindi) (Companies List, Meaning, Examples, Scheme, in India, Scam, Software, Act)

आज मैं अपने लेख के माध्यम से एक ऐसी बिजनेस इंडिया के बारे में बताने वाला हूँ। जो हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई हैं, जी हाँ आप बिल्कुल सही सोच रहे हैं, उसका नाम मल्टी लेवल मार्केटिंग हैं। जिसे आप नेटवर्क मार्केटिंग के नाम से भी जानते हैं,उसी मार्केटिंग के बारे में बताने वाला हूँ। जिसके माध्यम से आप अपने प्रोडक्ट को आसानी से लोगों के पास बेच सकते हैं, और वैसे आप लोगों ने बहुत सी मार्केटिंग टेक्नीक को देखा होगा सुना होगा उसमें से एक टेक्निक हैं मल्टी लेवल मार्केटिंग जो अभी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। क्योंकि मल्टी लेवल मार्केटिंग के बारे में इसलिए चर्चा हो रही हैं। अभी एक केस सामने निकल कर आया हैं। संदीप महेश्वरी vs विवेक बिंद्रा का। क्योंकि इन दोनों की न्यूज़ हाल ही में चर्चा का कारण बनी हुई हैं। महेश्वरी के मोटीवेशनल स्पीच में कुछ लोग वहाँ पहुंचे और वह बिंद्रा के मल्टी लेवल मार्केटिंग के बारे में बात करने लगे और वहीं से बातें उठने लगी उसके बाद दोनों में लडाई का माहौल बन गया। इसके चलते आज हम लोग मल्टी लेवल मार्केटिंग हैं क्या इसके बारे में बात करेंगे।

Multi Level Marketing

मल्टी लेवल मार्केटिंग क्या हैं

मल्टी लेवल मार्केटिंग एक प्रकार से अपने प्रोडक्ट को लोगों को कैसे बेचा जाए उसके बारे में यह हमें सिखाती हैं। कि लोग आपके प्रोडक्ट को क्यों खरीदे और क्या फ़ायदा होगा यही सब इसमें सिखाया जाता है, और सेलिंग कैसे बढ़ाई जाए यह भी बताया जाता हैं। मगर यह मार्केटिंग हमेशा विवाद का विषय  बनी रहती हैं। क्योंकि लोगों को अपने प्रोडक्ट के बारे में बता कर उन्हें प्रभावित करना एक कठिन कार्य होता है। क्योंकि यह मार्केटिंग ज्यादातर उन्हीं बिजनिसो में उपयोग की जाती है। जिनका कोई अपना मार्केट में वर्चसव नहीं होता है। और इसमें किसी भी प्रकार की कोई सैलरी नहीं दी जाती है। बल्कि कमीशन बेसड काम करना पड़ता हैं। हमे एक प्रोडक्ट सेल करने के लिए दूसरों को बताया और फिर उसके बाद उससे कहा की तुम किसी तीसरे को इन प्रोडक्ट के बारे में बताओ तो तुम्हें इस प्रोडक्ट से संबंधित कमीशन प्राप्त होगा। और उससे मेरा भी प्रॉफिट होगा यही मल्टी लेवल मार्केटिंग हैं। इस मार्केटिंग को अन्य नामों से भी जाना जाता हैं। जैसे नेटवर्क मार्केटिंग डारेक्ट् सेलिंग मार्केटिंग और पिरामिड सेलिंग मार्केटिंग आदि हैं। क्योंकि इस मार्केटिंग में केवल लोगों को जोड़कर अपने प्रोडक्ट का व्यापार करना होता हैं। और प्रोडक्ट की सेल बढ़ाई जाती हैं।.

मल्टी लेवल मार्केटिंग कार्य कैसे करती हैं

नेटवर्क मार्केटिंग, जो प्रोडक्ट की डिरेक्ट् सेलिंग एक दूसरे के साथ जुड़कर सेलिंग की जाती हैं, तो उसके कुछ अपने स्तर भी होते हैं। क्योंकि बिना स्तर कोई भी कार्य नहीं किया जा सकता हैं। यहाँ पर प्रोडक्ट की सेलिंग करने के लिए व्यक्तियों को एक दूसरे से जोड़ा जाता हैं। चलिये हम इसके एक  उदाहरण के तौर पर समझते हैं कि यह किस प्रकार से कार्य करती है।

Multi Level Marketing Examples

उदाहरण– जैसे मान लेते हैं कि A नाम की कोई कंपनी हैं और उसमें किसी भी प्रोडक्ट का निर्माण हो रहा हैं मगर अब उनके सामने यह सवाल उठता हैं कि उसकी बिक्री कैसे शुरू की जाए तो वह कुछ ऐसे लोगों को हायर करती हैं जो एक दूसरे से नेटवर्क बनाएं और फिर जब उनके नेटवर्क बन जाते हैं तो उनसे वह कहते हैं कि तीसरे व्यक्तियों से नेटवर्क बनाएं ऐसे ही यह नेटवर्क मार्केटिंग कार्य करती है। और नेटवर्क बनाने में उन्हें ऐसा मोटिवेट किया जाता हैं कि आपको सैलरी तो नहीं मिलेगी मगर यहाँ भारी मात्रा में आपको कमीशन प्राप्त होगा आपन जितने व्यक्तियों को यहाँ पर जुडवायेगे आपको कमीशन प्राप्त होना शुरू हो जाएगा और इससे एक हिसाब से प्रॉफिट होना शुरू हो जाएगा यही नेटवर्क मार्केटिंग है जहाँ पर एक अपना नेटवर्क स्ट्रांगली बनाना पड़ेगा।

मल्टी लेवल मार्केटिंग के उद्देश्य

मल्टी लेवल मार्केटिंग या नेटवर्क मार्केटिंग के कुछ अपने उद्देश्य होते हैं इसलिए बहुत पहले या मार्केटिंग मार्केट में आई थी क्योंकि पहले ज्यादा विज्ञापन के कोई साधन नहीं होते थे तो लोगों को जोड़ जोड़कर एक दूसरे से बात करके प्रोडक्ट का सेल किया जाता था और उसमें लोगों को कुछ कमीशन मिलता था। जिससे प्रोडक्ट 20 साल होते थे और लोगों को अच्छा खासा कमीशन के तौर पर प्रॉफिट भी मिल जाता था। वही आज भी एक नेटवर्क मार्केटिंग के रूप में कार्य कर रही है इसके उद्देश्य हैं।

  • अगर देखा जाए तो लोग अपने उत्पाद को डिरेक्ट सेलिंग के जरिए कम लागत पर आसानी से कर सकते हैं।
  • और इसका एक उद्देश्य यह भी हैं कि समान को बेचने के लिए आसानी सी लोग प्राप्त हो जाते हैं।
  • कंपनी के द्वारा इस टेक्निक का उपयोग इसलिए भी किया जाता हैं कि जिससे उनके उत्पादों की सेल बराबर बनी रहे।
  • कंपनी की जब सेल बनी रहती हैं तो उसे अपने प्रोडक्ट निर्माण करने में समस्या का सामना नहीं करना पड़ता हैं। और इधर सेल हुआ उधर प्रोडक्ट का फिर निर्माण होता रहता हैं।
  • अगर देखा जाए तो विश्व में बहुत सी कंपनियां ऐसी हैं जो इस टेक्निक का उपयोग करके अपने व्यापार को आगे बढ़ाया करती हैं।
  • जब नया व्यवसाय शुरू किया जाता हैं तब यह मार्केटिंग स्ट्रटिजी काम आती हैं। क्योंकि इससे लोगों के बीच में अपने प्रोडक्ट के बारे में बताने का भी मौका मिलता हैं और साथ ही साथ एक मार्केट बिल्ड होती है।

मल्टी लेवल मार्केटिंग के लाभ एवं विशेषताएं

  • मल्टी लेवल मार्केटिंग में एक कम लागत पर अपने प्रोडक्ट को मार्केट में उतारने का मौका मिल जाता है।
  • और इस मार्केटिंग स्ट्रटीजी से लोगों को रोजगार प्रदान करने में भी सहायता दी जाती है।
  • अभी यह स्ट्रेटेजी विश्व के ज्यादातर देशों में उपयोग में लाई जाती है और वहाँ पर वैधता प्राप्त हैं।
  • बहुत से ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें किसी के अंडर में कार्य करना पसंद नहीं हैं। और मगर उन्हें पब्लिक डीलिंग अच्छी लगती हैं तो इस फील्ड में वह आकर अपना कार्य शुरू कर सकते हैं।
  • यहाँ पर जो भी नेटवर्क मार्केटिंग जॉइन करेगा उसे कम्युनिकेशन स्किल अच्छी आनी चाहिए तभी वह दूसरों से कम्मुनिकेट कर पायेगा।
  • इसके अपने और भी फायदे हैं जिससे लोग जितना ज्यादा काम करेंगे उतना ज्यादा कमीशन प्राप्त करेंगे इससे यह अंदाज़ा लगाया जा सकता हैं कि जो व्यक्ति कितना ज्यादा कार्य करेगा उतना ज्यादा पैसा कमाने लगेगा।
  • काम करने के प्रति उनमें जगरूकता बढ़ने लगती हैं और इस कार्य को सीरीयश होकर करने लगते हैं।

मल्टी लेवल मार्केटिंग का गठन

मल्टी लेवल मार्केटिंग एक प्रकार से स्वतंत्र अवैधानिक विक्रेता जिन्हें वितरण, स्वतंत्र व्यापार, मालिक डीलर, विशेषाधिकार मालिक, बिक्री सलाहकार आदि के रूप में जाना जाता हैं यह सभी उन कंपनियों का प्रतिनिधित्व करते हैं जिनके द्वारा प्रोडक्ट का उत्पादन किया जाता है। और फिर उन्हें बेचने के लिए तैयार किया जाता हैं इसलिए मल्टी लेवल मार्केटिंग का गठन किया गया जिससे उन्हें बेचने की टेंशन कम हो जाती हैं। और लोग कमीशन पर कार्य करते हैं। इसीलिए इस मार्केटिंग का गठन किया गया था।

मल्टी लेवल मार्केटिंग वैधता और न्यायसंगत

मल्टी लेवल मार्केटिंग की वैधता और न्याय संगत के बारे में बात कर ली जाए तो इसे ज्यादातर देशों में वैधता करार दी गई हैं। अगर देखा जाए तो अमेरिका जैसे देश में उसके सभी राज्यों में मल्टी लेवल मार्केटिंग की जाती हैं और ऐसे ही अन्य देशों में भी मल्टी लेवल मार्केटिंग वैध मानी गई हैं। मगर FTC के तहत यह बताया गया हैं कि सभी मल्टी लेवल मार्केटिंग वैधता प्राप्त नहीं हैं।  और  लोग कुछ पिरामिड योजनाओं के नाम से भी जानते हैं। पिरामिड योजनाएं आप सोच रहे होंगे की क्यों कहते हैं क्योंकि एक पिरामिड का ही आकर ले लेता जब एक व्यक्ति दूसरे को जोड़ता दूसरा तीसरे को जोड़ता चौथा पाँचवें को जोड़ता हैं इस तरह वह एक पिरामिड का ही रुप ले लेता हैं इसलिए इसे पिरामिड योजना भी कहा गया हैं। 100 से अधिक देशों में वैधता प्राप्त हैं।

मल्टी लेवल मार्केटिंग को अवैध घोषित करने वाले देश

चलिए हम आपको कुछ ऐसे देश के बारे में बता दें। जहाँ पर इस तरह की मार्केटिंग को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

  • सऊदी अरब :- साऊदी अरब में धार्मिक फतवा लगवाकर वहाँ मल्टी लेवल मार्केटिंग को पूरी तरह से बंद करवा दिया गया और वहाँ पर मल्टी लेवल मार्केटिंग नहीं की जाती हैं।
  • बांग्लादेश :- अगर देखा जाए तो बांग्लादेश में भी 2015 में मल्टी लेवल मार्केटिंग को प्रतिबंधित कर दिया गया हैं।

मल्टीलेवेल मार्केटिंग में धार्मिक दृष्टिकोण

मल्टी लेवल मार्केटिंग में बहुत से धार्मिक में इसे हराम कहा गया हैं। जैसे इस्लाम धर्म में इस प्रकार के व्यापार को हराम कहा गया है। उन्होंने यह बताया हैं कि जहाँ पर बिना किसी श्रम किये कमीशन पर लाभ प्राप्त करते हैं वहाँ हमारे धर्म में हराम के रूप में देखा जाता हैं और इसलिए ज्यादातर इस्लामी देशों में इसे प्रतिबंधित कर दिया गया हैं।

मल्टी लेवल मार्केटिंग की आलोचना

फेडरल ट्रेड कमीशन ने मल्टी लेवल मार्केटिंग को अमेरिका में अवैध नहीं कहा है मगर यह कहा कि जो भी कंपनियां मल्टी लेवल मार्केटिंग के जरिए अपने व्यापार को करती हैं तो वह ठीक हैं मगर FTC ने उन्हें आय संबंधित वितरण में दोषी पाया है और इसी के साथ उन कंपनियों को फटकार भी लगाई। समय-समय पर FTC के द्वारा इस पर नियंत्रण रखा जाता हैं।

भारत में मल्टी लेवल मार्केटिंग का दृष्टिकोण क्या हैं

अगर देखा जाए तो भारत में मल्टी लेवल मार्केटिंग का दृष्टिकोण बहुत निचले स्तर पर है क्योंकि इस तरह की मार्केटिंग को एक इसकैम के तौर पर देखा जाता हैं । यह कहा जाता है कि दूसरे व्यक्ति को बेवकूफ बनाकर ऐसे समान को बेचना जो उसे पसंद न हो तो यह एक इसकैम ही हुआ। मगर कुछ लोग इसे अच्छा व्यापार समझते हैं और अच्छा खासा इसमें अपना प्रॉफिट भी बना रहे हैं। मगर यहाँ पर इसकी छवि अच्छी नहीं है।

संदीप महेश्वरी vs विवेक बिंद्रा (#StopVivekBindra)

अपने हाल ही में यह देखा होगा की महेश्वरी के मोटीवेशनल सेसन में एक लड़का आता हैं। और विवेक बिंद्रा के बड़ा बिजनेस के बारे में बात करने लगता हैं और वह जिस बिजनेस के बारे में बात करता हैं वह हैं, मुल्टीलेवेल मार्केटिंग में तो वह कहता हैं कि मैंने 35000 रुपये खर्चा किये मगर उससे अभी तक ₹1 भी कमा नहीं पाया हूँ। उसके बाद यह चर्चा बहुत तेजो से बढ़ने लगी और उसके बाद आज तक वह लडाई आगे बढ़ती हुई दिख रही हैं। यह कारण क्या हैं तो यह केवल मल्टी लेवल मार्केटिंग के कारण बढ़ रही हैं क्योंकि भारत में इसे एक इसकैंम के तौर पर देखा जाता हैं इसलिए इसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है वैसे इसकी चर्चा वैश्विक स्तर पर होनी चाहिए।

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FAQ

Q : मल्टी लेवल मार्केटिंग क्या हैं?

Ans : एक नेटवर्क बिल्ड करने की मार्केटिंग है।

Q : संदीप महेश्वरी वर्सिस विवेक बिंद्रा किस वजह से सुर्खियों में हैं?

Ans : दोनों विवेक बिंद्रा की मल्टी लेवल मार्केटिंग के विषय में सुर्खियों में बने हैं

Q : मल्टी लेवल मार्केटिंग कौन से देशों में प्रतिबंधित हैं?

Ans : सऊदी अरब और बांग्लादेश।

Q : मल्टी लेवल मार्केटिंग में कैसे काम करते हैं?

Ans : यह एक तरह का नेटवर्क मार्केटिंग है, जिसमें लोगों को एक दुसरे के साथ जोड़ा जाता है.

Q : मल्टी लेवल मार्केटिंग से कितना पैसा कमा सकते हैं?

Ans : इसमें पैसे कमीशन के रूप में कमाये जाते हैं, जितना ज्यादा लोग जुड़ेंगे उतना अधिक कमीशन मिलेगा.

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