Cyclone Remal 2024: साइक्लोन रेमल का कहर, मचा रहा भारी तबाही, जानिए कहां-कहां है असर

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चक्रवात रेमल का प्रभाव अब दिखाई देने लगा है। तेज हवाओं और भारी बारिश के बीच चक्रवात रेमल ने पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटों को पार कर लिया है। इस तूफान की वजह से पश्चिम बंगाल में कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए हैं। साइक्लोन रेमल का असर बंगाल से लेकर बांग्लादेश तक देखा जा रहा है।

रविवार रात को जब यह चक्रवात बंगाल के तट पर पहुंचा, तब हवा की गति 135 किलोमीटर प्रति घंटा थी। इस कारण बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है, और कई जगहों पर पेड़ उखड़ चुके हैं। इसके अलावा, कई घरों को भी नुकसान पहुंचा है। कोलकाता में आंधी-पानी के दौरान एक दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात रेमल अब कमजोर हो रहा है। यह पश्चिम बंगाल के कैनिंग से लगभग 80 किलोमीटर दक्षिण की ओर है और बांग्लादेश तथा पश्चिम बंगाल के तटों को पार कर रहा है। यह उत्तर की ओर बढ़ रहा है और धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। तटीय इलाकों में लैंडफॉल की प्रक्रिया जारी है और अगले दो घंटों तक जारी रहने की संभावना है।

Cyclone Remal 2024: साइक्लोन रेमल का कहर, मचा रहा भारी तबाही, जानिए कहां-कहां है असर

Cyclone Remal 2024

विवरणजानकारी
नामसाइक्लोन रेमल
प्रकारउष्णकटिबंधीय चक्रवात
प्रभावित क्षेत्रभारत के पूर्वी तट, विशेषकर ओडिशा और बंगाल
तीव्रताअधिकतम हवा की गति 150 किमी/घंटा से अधिक
प्रभावभारी वर्षा, बाढ़, और व्यापक क्षति
तिथिमई 2024

चक्रवात रेमल का प्रचंड कहर: पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में तबाही

खतरनाक चक्रवाती तूफान रेमल रविवार रात 8:30 बजे पश्चिम बंगाल के कैनिंग और बांग्लादेश के मोंगला में 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आया। लैंडफॉल की प्रक्रिया 4 घंटे तक चली, जिसके दौरान तूफान ने व्यापक तबाही मचाई। पश्चिम बंगाल में 6 और बांग्लादेश में 10 लोगों की जान चली गई।

पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों में 29,000 घरों को नुकसान हुआ और 15 लाख लोग बिजली की आपूर्ति से वंचित हो गए। विभिन्न क्षेत्रों में तेज हवाओं के कारण 2,140 पेड़ और 1,700 बिजली के खंभे गिर गए। उत्तर और दक्षिण 24 परगना, पूर्वी मिदनापुर, दीघा, काकद्वीप, जयनगर, कोलकाता, हुगली और हावड़ा में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और भारी बारिश हुई।

कोलकाता के सुभाष चंद्र बोस एयरपोर्ट पर 21 घंटे बाद फ्लाइट सेवा फिर से शुरू हो गई है। तूफान से पहले रविवार को इसे बंद कर दिया गया था। इस दौरान 394 फ्लाइट्स को रद्द कर दिया गया था। कोलकाता में रविवार सुबह 8:30 बजे से सोमवार सुबह 5:30 बजे के बीच 146 मिमी बारिश दर्ज की गई। हल्दिया में 110 मिमी, तामलुक में 70 मिमी और निमिथ में 70 मिमी बारिश हुई।

इसके अलावा, चक्रवात के कारण उत्तर और दक्षिण 24 परगना में 48 पोलिंग सेंटर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। अब तूफान रेमल के बंगाल में लैंडफॉल के बाद यह बंगाल की खाड़ी से उत्तर की ओर बढ़ रहा है। अगले दो दिनों तक असम सहित पूर्वोत्तर के राज्यों को अलर्ट पर रखा गया है।

Cyclone Remal Live Update

  • चक्रवाती तूफान ‘रेमल’ के बांग्लादेश के तटीय इलाकों में पहुंचने के बाद कम से कम सात लोगों की मौत हो गई है और लाखों लोग बिजली के बिना रहने को मजबूर हैं। ‘रेमल’ के तट से टकराने पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं और सैकड़ों गांवों में बाढ़ आ गई।
  • बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न हुए ‘चक्रवात रेमल’ के संभावित प्रभाव को देखते हुए त्रिपुरा के सिपाहीजला और गुमती जिलों में ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है।
  • पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में चक्रवाती तूफान ‘रेमल’ के पहुंचने के एक दिन बाद सोमवार को भारी तबाही का नजारा दिखा। ‘रेमल’ से तटीय इलाकों को हुए नुकसान को साफ तौर पर देखा जा सकता है। झोपड़ियों की छतें उड़ गईं, पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे कोलकाता सहित राज्य के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई।
  • साइक्लोन रेमल का असर बिहार में भी देखने को मिलेगा। बिहार के कई जिलों में बारिश की संभावना है, इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। रेमल की वजह से कोलकाता से पटना की कई फ्लाइट्स रद्द कर दी गई हैं। देवघर से पटना की भी फ्लाइट रद्द कर दी गई है।
  • कोलकाता: चक्रवाती तूफान रेमल के चलते एक पुरानी बिल्डिंग की बाउंडरी वॉल गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है।
  • पश्चिम बंगाल: दक्षिण 24 परगना के सुंदरबन में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। वहीं, कोलकाता शहर के कई हिस्सों में भी लगातार बारिश जारी है और तेज हवाएं बह रही हैं। कई पेड़ उखड़ गए हैं।
  • असम में भी जारी है रेड अलर्ट: धुबरी, दक्षिण सलमारा, बोंगाईगांव, बजाली, तामुलपुर, बारपेटा, नलबाड़ी, मोरीगांव, नागांव, होजई और पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, चिरांग, गोलपारा, बक्सा, दिमा हसाओ, कछार, हैलाकांडी और करीमगंज जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है।

कोलकाता और तटीय जिलों में भारी बारिश, लाखों लोगों का सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरण

चक्रवाती तूफान रेमल के कारण कोलकाता, पश्चिम बंगाल के तटीय जिलों दक्षिण परगना और उत्तर 24 परगना में भारी बारिश हो रही है। इन क्षेत्रों में मौसम विभाग ने पहले ही रेड अलर्ट जारी कर दिया था। चक्रवात रेमल के बारे में लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है। बंगाल के विभिन्न हिस्सों से एक लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। भीषण चक्रवाती तूफान रेमल के चलते पूर्वोत्तर राज्यों में आपदा प्रबंधन अधिकारियों और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। जिला प्रशासन को अग्रिम एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। असम, मेघालय, त्रिपुरा, मणिपुर और मिजोरम की सरकारों ने विभिन्न सलाह जारी की हैं और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है।

लैंडफॉल का समय और प्रभाव

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, चक्रवाती तूफान ‘रेमल’ ने 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के तटों के बीच लैंडफॉल किया। इसके परिणामस्वरूप भारी बारिश हुई, जिससे घरों और खेतों में पानी भर गया। चक्रवाती तूफान रेमल ने रविवार रात 8:30 बजे पड़ोसी देश मोंगला के दक्षिण-पश्चिम के पास सागर द्वीप और खेपुपारा के बीच पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के निकटवर्ती तटों पर लैंडफॉल की प्रक्रिया शुरू की। इस विनाशकारी तूफान ने जाते-जाते चारों ओर तबाही का निशान छोड़ दिया।

विनाश का चक्र: चक्रवाती तूफान रेमल की तबाही

चक्रवाती तूफान ‘रेमल’ ने कई घरों को तहस-नहस कर दिया। इस तूफान ने जगह-जगह पेड़ उखाड़ दिए और बिजली के खंभों को गिरा दिया। सुंदरवन के गोसाबा इलाके में मलबे की चपेट में आने से एक व्यक्ति घायल हो गया। चक्रवात के आगमन से पहले पश्चिम बंगाल के संवेदनशील इलाकों से एक लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था। मौसम विभाग के अनुसार, ‘चक्रवाती तूफान रेमल ने रविवार रात पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप और बांग्लादेश के खेपुपारा के बीच 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दस्तक दी। इस दौरान तटीय दीघा में डरावनी लहरें उठीं। चक्रवात रेमल के आगमन के साथ ही बारिश की मोटी परत ने समुद्र तट को धुंधला कर दिया। पानी का तेज बहाव मछली पकड़ने वाली नौकाओं को अंदर तक बहा ले गया। निचले इलाकों में मिट्टी और फूस के घरों को बर्बाद कर दिया और खेतों में पानी भर गया।

कोलकाता में दीवार गिरने से एक की मौत

कोलकाता के बिबीर बागान इलाके में भारी बारिश के चलते दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। उत्तर और दक्षिण 24 परगना तथा पूर्वी मिदनापुर जिलों से प्राप्त रिपोर्टों में बताया गया है कि फूस के घरों की छतें उड़ गईं, बिजली के खंभे टूट गए और कई क्षेत्रों में पेड़ उखड़ गए। कोलकाता के निचले इलाकों में सड़कें और घर पानी में डूब गए हैं।

चक्रवात रेमल के प्रभाव को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तूफान की प्रतिक्रिया और तैयारियों की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की थी। वहीं, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस ने स्थिति की बारीकी से निगरानी की। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से घर पर रहने का आग्रह किया और उन्हें सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया

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