असली और नकली नोट की पहचान कैसे करें | How to differentiate between fake and real note In Hindi

असली और नकली नोट की पहचान कैसे करें ( How to differentiate or identify between fake and real note In Hindi)

हमारे यहाँ नकली नोटो का चलन बहुत पुराना है, बाज़ारों में बहुत ही आसानी से लोग असली और नकली नोटों में धोका खा जाते है. साल 2016 में जब सरकार द्वारा अचानक नोट बदलने का फैसला लिया गया था, तब कुछ समय के लिए ऐसा लगा था कि अब हमने नकली नोटों की समस्या से निजात पा लिया है, परंतु कुछ ही समय में दोबारा इन नकली नोटों ने बाजार में अपना स्थान बना लिया. और अब आपकी जरा सी लापरवाही आपको नुकसान में डाल सकती है. इस नुकसान से बचने के लिए आपको इन नोट की सही पहचान होना जरूरी है.  

असली और नकली नोट की पहचान कैसे करें

सर्वप्रथम हम आपको हमारे यहां चलने वाले नोटों की पहचान बताने के लिए इनके रंग और साइज़ से परिचित करवा रहें है, ताकि आपको इनमे कोई धोका ना हो.

5 और 10 के नोट

हमारे यहां प्रचलित 5 के नोट का रंग हरा है, जबकि इसका साइज़ 117*63 एमएम है. हमारे यहां चलने वाले 10 के नोट का रंग नारंगी है, जबकि इसका साइज़ 137 * 63 एमएम है. बाजार में 10 का नया नोट भी उपलब्ध है, जिसका साइज़ पहले नोट की अपेक्षा कुछ छोटा है जबकि इसका रंग चॉकलेटी ब्राउन है.

spot fake and real note

20 और 50 के नोट –

हमारे यहां चलने वाले 20 के नोट का रंग लाल-नारंगी है और इसका साइज़ 147*63 एमएम है. जबकि हमारे यहां 50 के दो तरह के नोट अस्तित्व में है, एक जो पहले से चल रहें है एक जो अभी आरबीआई द्वारा बाजार में लाए गए है. हमारे यहां चलने वालें पुराने 50 के नोट का रंग बैगनी है जबकि इसका साइज़ 147*73 एमएम है.

100 और 200 के नोट –

हमारे यहां पूर्व से उपलब्ध 100 के नोट का साइज़ 157*73 एमएम और रंग नीला है जबकि अभी कुछ वर्ष पूर्व मार्केट में आए 200 के नोट का साइज़ 146*66 एमएम और रंग नारंगी है.

500 और 2000 के नोट

हमारे यहां पूर्व में उपलब्ध 500 और 1000 के नोट बंद हो चुके है, जबकि इसके बदले बाजार में 500 और 2000 के नए नोट उपलब्ध है. हमारे यहां उपलब्ध 500 के नए नोट का रंग स्टोन ग्रे है और उसका साइज़ 150*63 एमएम है. जबकि बाजार में उपलब्ध नए 2000 के नोट का साइज़ 166*66 एमएम है और इसका रंग मैजेंडा है.

बाजार में उपलब्ध नोटों के सही होने की पहचान के लिए आपको उनके साइज़ और रंग के अलावा निम्न बातों का ध्यान रखना होगा, ताकि आपको किसी तरह के नुकसान का सामना ना करना पड़े.

सिक्योरिटी थ्रेड का रंग –

आपको शायद ही पता होगा, कि बाजार में जो नोट उपलब्ध होते है, उसमें आरबीआई के द्वारा जो थ्रेड लगाया जाता है उसमें भारत और आरबीआई लिखा हुआ होता है. और नोट को टेढ़ा करने पर इस थ्रेड का रंग भी परिवर्तित होकर नीले से हरा हो जाता है.

लाइट में देखने पर विशेष जगह पर मुद्रा का अंकित होना –

अगर आप 500 और 2000 के नए नोट को लाइट में देखते है, तो इसमें उल्टे हाथ के साइड में आड़े शब्दों में मुद्रा अंकित होती है, जो आपको इसकी एक विशेष पहचान देती है.

45 डिग्री के कोण पर नोट को रखने पर अंको का लिखा दिखाई देना –

अगर आप बाजार में उपलब्ध नए नोट को ध्यान से देखे, तो इसमें गांधी जी की फोटो के बाई और नीचे एक डार्क बॉक्स दिखाई देता है. जब हम नोट को 45 डिग्री तक झुकाकर देखते है, तो इस बॉक्स में नोट की मुद्रा 500 या 2000 लिखा हुआ दिखाई देता है.  

नोट में ब्लीड लाइंस –

बाजार में उपलब्ध नए नोटों में दोनों और सफ़ेद बार्डर पर कुछ विशेष लाइन अंकित की गई है. जो इन्हे विशेष पहचान देती है.

दृष्टिहीन व्यक्तियों के लिए पहचान –

बाजार में उपलब्ध नए नोटों को विशेष रूप से दृष्टिहीन व्यक्तियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है. इन नोट में उपलब्ध पहचान चिन्ह जैसे गांधी जी की तस्वीर, दोनों और उपलब्ध ब्लीड लाइंस और अशोक स्तंभ दोनों ही खुरदुरे है, जिसे दृष्टिहीन व्यक्ति छूकर पहचान सकता है. और साथ ही इन नोटों मे दाई तरफ जो मुद्रा अंकित की गई है, वो भी खुरदुरी है, जिसे ये लोग छूकर जानसकते है.

सफेद भाग पर गांधी जी की तस्वीर –

बाजार में उपलब्ध हर नोट में कुछ जगह खाली होती है, जब इस नोट को लाइट में देखते है, तो इस खाली जगह पर गांधी जी की तस्वीर साफ दिखाई देती है. और नकली नोट में यह तस्वीर या तो साफ नहीं होती या कुछ अजीब होती है, जिससे आप असली और नकली नोट की पहचान कर सकते है.

गवर्नर के हस्ताक्षर और साल लिखा होना-

हर नोट में एक विशेष स्थान पर गवर्नर के हस्ताक्षर और इसके मुद्रण का साल लिखा होता है, जो इसे एक विशेष पहचान प्रदान करता है.

इस तरह से आप इन कुछ बातों का ध्यान रखकर नुकसान से बच सकते है. क्योंकि अगर आपसे जरा सी भी चूक हो जाती है और आपके पास कही से नकली नोट आ जाता है, तो आपसे इसे बाजार में चलाना मुश्किल हो जाता है और इसे बैंक में देने पर बैंक के कर्मचारी इसे आपके सामने फाड़ देते है और नुकसान केवल आपका ही होता है. इसलिए नुकसान से बचने आपको स्वयं जागरूक होकर इन बातों का ध्यान रखना होगा और बाजार में उपलब्ध नकली नोटों के चलन पर भी रोक लगानी होगी, आपकी थोड़ी सी सतर्कता से आपका और देश का दोनों का ही फायदा संभव है.

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Priyanka
प्रियंका खंडेलवाल मध्यप्रदेश के एक छोटे शहर की रहने वाली हैं . यह एक एडवोकेट हैं और जीएसटी में प्रेक्टिस कर रही हैं . इन्हें बैंकिंग, टेक्स्सेशन एवं फाइनेंस जैसे विषयों पर लिखना पसंद हैं ताकि उनका ज्ञान और अधिक बढ़ सके. उन्होंने दीपावली के लिए लिखना शुरू किया और इस तरह अपने ज्ञान को पाठकों तक पहुँचाने की कोशिश की.

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